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Adhoore Sapne / अधूरे सपने

Author Name: Rashmi Tyagi | Format: Paperback | Genre : Literature & Fiction | Other Details

इसमें प्यार है, परिवार है, रूढ़िवादी विचारधारा भी है, समय का बंधन है, सपनों की उड़ान है, भाषा सरल है और “अधूरे सपने” में नारी के प्रति नारी का सम्मान है|

“अधूरे सपने” एक आंचलिक कथा उपन्यास है, जिसमें एक ग्रामीण महिला, उसकी मेहनत, मां के प्रति प्रेम और अपनी बेटी से जुड़े सपनों को दर्शाया गया है | इसमें प्यार है, परिवार है, रूढ़िवादी विचारधारा भी है, समय का बंधन है, सपनों की उड़ान है, भाषा सरल है और “अधूरे सपने” में नारी के प्रति नारी का सम्मान है| 

यह कहानी सुरेखा पर आधारित है|  इस कहानी की मुख्य पात्र को उत्तर प्रदेश की सीमा से सटे  गांव की एक लड़की के रूप में दर्शाया गया है जो कभी स्कूल नहीं गई|  सुरेखा के सपनों की उड़ान बहुत ऊंची थी परंतु गांव में स्कूल ना होने के कारण वह इन्हें पूरा नहीं कर पाई| पिताजी की अकस्मात मृत्यु के पश्चात 16 साल की उम्र में सुरेखा के ऊपर बड़ी जिम्मेदारियों का भार कहानी में दर्शाया गया है|  दूसरी तरफ मां को सुरेखा की शादी की चिंता सताती रहती है| क्या मां सुरेखा की शादी करवा पाती है, अगर हां तो उसके बाद उसकी मां का क्या होता है?  सुरेखा का नया परिवार उसे कैसा मिलता है? क्या उसकी कोई संतान भी होती है, आखिर में सुरेखा का क्या होता है क्या सुरेखा के सपने किसी और के सपनों के साथ जुड़ जाते हैं|   इन सभी प्रश्नों का उत्तर जानने के लिए पढ़ते हैं “अधूरे सपने”|

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Paperback
Paperback 149

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रश्मि त्यागी

जन्म: 24 जुलाई 1982, जन्म स्थान: नई दिल्ली

योग्यता: राजनीति व पुस्तकालय विज्ञान में परास्नातक

व्यवसाय : एक निजी स्कूल में लाइब्रेरियन के रूप में कार्यरत

मेरे दो बेटे हैं, उन्होंने मुझे इस कथा उपन्यास को लिखने के लिए प्रेरित किया, साथ ही इसे पूरा करने में सहयोग भी दिया | मेरी यह कहानी उन सभी महिलाओं को समर्पित है जो सपने देखने की चाहत रखती हैं |  कहानी लिखने के लिए उठाया गया यह मेरा पहला कदम है| इस कहानी का चयन मैंने नारी के सपनों और संघर्ष को ध्यान में रखते हुए किया है| सपने हर कोई देखता है परंतु क्या सभी सपने पूरे हो पाते हैं | इस कहानी को लिखते समय मैं सुरेखा के संघर्षों को दिल से महसूस कर रही थी, मुझे पता ही नहीं चला की कब मैंने इसे लिख डाला | मैं सादगी  और उच्च विचारों में विश्वास करती हूं, साधारण जीवन सिर्फ किसी गांव में ही देखने के लिए मिल सकता है, यही कारण है कि इस कहानी में दर्शाए गए पात्रों को मैंने एक गांव से जोड़ कर रखा है|  मुझे गांव के लोगों, बुजुर्गों तथा छोटे बच्चों  की सादगी और पवित्रता के कारण अपना समय उनके साथ बिताना अच्छा लगता है|

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